नई दिल्ली, अगस्त 10 -- Som Pradosh Vrat Today 10 August 2026: प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। हर महीने दो प्रदोष व्रत आते हैं, पहला कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में। जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारंभ हो जाता है। हिंदू धर्म पुराणों के अनुसार, जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष काल साथ-साथ होता है, वह समय शिव पूजन के अति उत्तम होता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत आते हैं, अधिक मास होने पर व्रत की संख्या 25 या 26 हो सकती है। हर प्रदोष व्रत का महत्व और फल अलग-अलग होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी प्रदोष व्रत का फल सिर्फ एक प्रदोष व्रत में प्राप्त किया जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे। यह भी पढ़ें- भगवान शिव ने विष्णु जी को क्यों दिया था सु...