सीवान, जुलाई 23 -- Siwan News गुठनी, एक संवाददाता। प्रखण्ड मुख्यालय में पिछले कई बर्षो से पर्याप्त बारिश के आभाव में धान की फसल सूखाग्रस्त होने से अधिककांश किसान अब धान की खेती से मुह मोड़ने लगे है। एक समय गुठनी समेत आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर होने वाली मोटे अनाज की खेती अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रही है। गुठनी, दरौली, आंदर और अंसाव प्रखंड के अधिकांश किसानों ने मक्का, बाजरा, टांगून, मडुआ, बजरी और तीसी जैसी पारंपरिक फसलों की खेती छोड़ दी है। किसान अब इनकी जगह धान, गेहूं और अन्य नकदी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मोटे अनाज की खेती में लागत अधिक और लाभ कम होने के कारण वे इसे छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इसके अलावा इन फसलों की खरीद के लिए स्थानीय स्तर पर उचित बाजार उपलब्ध नहीं है। सरकारी खरीद व्यवस्था नहीं ह...