सीतापुर, अक्टूबर 18 -- Sitapur News: सिधौली, संवाददाता। कस्बे के पड़ाव मैदान में चल रही रामकथा के छठे दिन कथा व्यास शांतनु जी महाराज ने रघुवंश की माताओं के आदर्श चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने मां कौशल्या, सुमित्रा, जानकी और उर्मिला के चरित्र को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। कहा कि माताओं और बहनों के त्याग, समर्पण और धर्मनिष्ठा के कारण ही देश की संस्कृति और धर्म सुरक्षित हैं।महाराज ने अयोध्यावासियों के भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि गुरु और भगवान का मिलन रामराज्य का आधार है, जहां बड़े-छोटे का कोई भेद नहीं होता। रामचरितमानस के भावपूर्ण केवट प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने के लिए मनुष्य को सरल, सहज और भोला बनना चाहिए। यह भी पढ़ें- Kanpur News: भगवान श्रीराम ने पिता का वचन रखने क...