नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला किया है। चुनाव आयोग ने उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'स्पेशल ड्राइव' चलाने का निर्देश दिया है, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चुनावव आयोग के इस फैसले का मकसद ऐसे योग्य वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ना है, जो SIR के दौरान किसी वजह से छूट गए हैं या बाद में वोट देने के योग्य हुए हैं। इसके अलावा, युवा और पहली बार मतदान करने वाले योग्य लोगों को भी वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने 29 सितंबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर यह निर्देश दिया था। इसके बाद गुरुवार को राज्यों के मुख...