SIR वाले सॉफ्टवेयर को क्यों छुपा रहा EC? RTI के तहत भी नहीं मिलेगी जानकारी
नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत देश भर में 13 करोड़ से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए जाने को लेकर जारी भारी विवाद के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) का एक नया रुख सामने आया है। चुनाव आयोग ने RTI (सूचना का अधिकार) के तहत उस सॉफ्टवेयर, ऐप या AI टूल का नाम और वर्जन बताने से साफ इनकार कर दिया है, जिसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को पकड़ने में किया गया था। आयोग ने तर्क दिया है कि यह जानकारी "कमर्शियल कॉन्फिडेंस, ट्रेड सीक्रेट और IP" से जुड़ी है और RTI कानून की धारा 8(1)(d) के तहत छूट प्राप्त है।तेलंगाना के सामाजिक कार्यकर्ता ने मांगी थी जानकारी यह RTI आवेदन तेलंगाना के करीमनगर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एम. ए. मुजीब अय्यूब की तरफ से दाखिल किया गया था। उन्होंने चुनाव आयोग से कई तीखे सवाल पूछे थे। यह भी पढ़ें- CEC...
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