नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए मांगे गए एक कागज ने 35 साल से बिछड़े दो भाइयों को मिला दिया। साढ़े तीन दशक तक जिस भाई को परिवार मरा हुआ मान चुका था, बुधवार को सामने आते ही दोनों गले लगकर फफक पड़े। अमृतसर में रह रहे 55 वर्षीय सीता राम बुधवार को जींद के मनोहरपुर गांव स्थित राजकीय विद्यालय पहुंचे। पंजाब में एसआईआर (वोटर लिस्ट सत्यापन प्रक्रिया) के तहत उन्हें स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) सौंपना था। इसी के लिए वह अपने पुराने स्कूल पहुंचे, जहां एईआरओ रमेश कुमार मौजूद थे। रमेश ने बताया कि सीता राम ने इसी स्कूल में 10वीं तक पढ़ाई की थी, लेकिन परीक्षा पास नहीं कर सके थे। सत्यापन के लिए उन्हें एसएलसी की जरूरत थी।भाई के नाम से खुला राज एईआरओ रमेश कुमार ने बीएलओ कृष्ण कुमार से परिवार की पड़ताल कराई। सीता राम ने बताया ...