सिमडेगा, जुलाई 3 -- Simdega News: सिमडेगा, प्रतिनिधि। एक ओर करोड़ों रुपये शिक्षा व्यवस्था पर खर्च होने के दावे किए जाते हैं। वहीं दूसरी ओर बानो के राप्रावि हल्दीबेड़ा के बच्चे लकड़ी और तिरपाल से बनी झोपड़ी में पढ़ने को मजबूर हैं। यह तस्वीर व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करती है और ग्रामीणों की एकजुटता की मिसाल भी पेश करती है। यह भी पढ़ें- Khagaria News: कटाव से गांधीनगर प्राइमरी स्कूल हुआ ध्वस्त, वर्षों से पॉलीथिन टांग कर किया जा रहा है संचालनग्रामीणों की पहल जर्जर स्कूल भवन में बच्चों की जान खतरे में पड़ने लगी तो ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय खुद जिम्मेदारी उठाई। श्रमदान किया, बांस और तिरपाल जुटाए और बच्चों के लिए फूस की अस्थायी पाठशाला तैयार कर दी। अब इसी झोपड़ीनुमा कक्षा में बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर रहे हैं। बताया ग...