सिमडेगा, जुलाई 19 -- Simdega News: सिमडेगा, छोटू बड़ाईक । अगर आप सोचते हैं कि अप्रैल, मई और जून की गर्मी रौद्र रूप धारण कर सिर्फ झुलसाने आती है, तो आप सिमडेगा के मिजाज से वाकिफ नहीं हैं। यहां गर्मी सिर्फ पसीना नहीं बहाती बल्कि अपनी तीसरी आंख खोल लाखों ग्रामीणों की तिजोरी भी भरती है और जिले के इस मौसम को ग्रामीण सोना उगलने वाला सीजन मानते हैं। इस बार भी आसमान से बरसते अंगारों के बीच सिमडेगा के जंगलों ने ऐसा खजाना उगला कि ग्रामीणों की तिजोरियां लबालब भर गईं। इस बार जिले के जंगलों और खेतों से लगभग 45 से 50 करोड़ का कुल वनोपज और फल व्यापार होने का अनुमान है।

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