Shukra Pradosh Vrat Katha: ये है सबसे पौराणिक शुक्र प्रदोष व्रत कथा, तीन मित्रों से जुड़ी है कहानी
नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- Shukra Pradosh Vrat Katha: हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस साल धनतेरस यानी 6 नवंबर 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। जब प्रदोष व्रत के साथ शुक्रवार का संयोग बनता है तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों में शुक्र प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन शिव परिवार का पूजन करने से व्रती को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत का पाठ अनिवार्य होता है। मान्यता है कि व्रत कथा पढ़ने या सुनने के बाद ही व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। यह भी पढ़ें- धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का ये है सबसे उत्तम मुहूर्त, आप भी जान लेंशुक्र प्रदोष व्रत कथा: सूत जी बोले- प्राचीन काल की बात है एक नगर में त...
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