श्रावस्ती, अक्टूबर 25 -- Shravasti News: श्रावस्ती। बौद्ध स्थली में श्रीलंका से आए बौद्ध अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक की अध्यक्षता में गंध कुटी पर अपने रीति-रिवाज में पूजा-अर्चना की। इस दौरान भगवान बुद्ध के उपदेशों और उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा ली। बौद्ध भिक्षु दीपालोक ने कहा कि भगवान बुद्ध के प्रमुख उपदेशों में चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग का विशेष महत्व है। चार आर्य सत्य में दुख, दुख का कारण, दुख का निरोध और दुख से मुक्ति का मार्ग शामिल है। वहीं, अष्टांगिक मार्ग मनुष्य को सही समझ, सही विचार, सही वाणी, सही कर्म, सही आजीविका, सही प्रयास, सही स्मृति और सही समाधि का संदेश देता है। यह भी पढ़ें- Shravasti News: बौद्ध दर्शन में दुखों से मुक्ति का मार्ग है मध्यम मार्ग- सुमेधा थेरो उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश मनुष्य को...