श्रावस्ती, अक्टूबर 29 -- Shravasti News: श्रावस्ती, संवाददाता। जिस बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं देते, लोग अक्सर उसे गंभीरता से नहीं लेते। हाथीपांव यानी फाइलेरिया भी ऐसी ही बीमारी है। संक्रमण के बाद कई साल तक इसके लक्षण सामने नहीं आते, लेकिन जब हाथ-पैर या जननांगों में सूजन दिखने लगती है। तब तक शरीर का लसिका तंत्र (रोगों से लड़ने वाली ग्रंथियों और नसें) क्षतिग्रस्त हो चुका होता है। इसलिए लक्षणों का इंतजार करने के बजाय समय पर बचाव की दवा लेना जरूरी है। जिले के हरिहरपुर रानी और इकौना ब्लॉक में 19 नवंबर से सघन फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू होगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हाथीपांव के 295 और हाइड्रोसील के 143 मरीज चिह्नित हैं, जिनकी नियमित निगरानी और देखभाल की जा रही है।

दवा से दूरी बनाने वालों पर रहेगा जोर दवा से दूरी बनाने वालों पर रहे...