नई दिल्ली, जून 22 -- हिंदू धर्म में शिव पूजा बिना बेलपत्र के अधूरी मानी जाती है। बेलपत्र भगवान शिव को बेहद प्रिय है। इसे चढ़ाने से पूजा पूर्ण होती है और भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं। लेकिन कई बार बेलपत्र आसानी से उपलब्ध नहीं होता है, इसलिए कई भक्त पूछते हैं कि क्या एक बार चढ़ा हुआ बेलपत्र दोबारा चढ़ाया जा सकता है। शिवपुराण और धर्म विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब है - हां, इसे दोबारा चढ़ाया जा सकता है।बेलपत्र का धार्मिक महत्व बेलपत्र त्रिदेव - ब्रह्मा, विष्णु और शिव का प्रतीक है। इसके तीन पत्ते इन तीनों देवताओं का वास बताए जाते हैं। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से साधक को पापों से मुक्ति, मनोकामना पूर्ति और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। बिना बेलपत्र के शिव पूजा अधूरी समझी जाती है। यही कारण है कि श्रद्धालु दूर-दूर से बेलपत्र लाकर शिव जी ...