नई दिल्ली, मई 10 -- ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को विशेष स्थान प्राप्त है। शनिदेव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। कहा जाता है कि शनि इंसान को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। यही वजह है कि शनि का गोचर हो या चाल बदलना, उसका असर सिर्फ लोगों की जिंदगी ही नहीं बल्कि बड़े स्तर पर भी देखने को मिलता है। इस समय शनि मीन राशि में हैं और 27 जुलाई 2026 से वक्री यानी उल्टी चाल चलना शुरू करेंगे। शनि करीब 138 दिनों तक इसी स्थिति में रहेंगे और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे।शनि की वक्री चाल का असर ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक शनि की वक्री चाल कई मामलों में असर डाल सकती है। राजनीति, कारोबार, रोजगार और लोगों की सोच में बदलाव महसूस हो सकता है। पुराने मुद्दे फिर से चर्चा में आ सकते हैं। आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। कई लोगों ...