नई दिल्ली, जुलाई 4 -- Shani Sade Sati: जैसे ही किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होती है, ज्यादातर लोग इसे परेशानी, नुकसान और संघर्ष का समय मान लेते हैं। हालांकि, ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। उनके अनुसार शनि किसी को बिना कारण दंड नहीं देते। वे न्याय के देवता हैं और व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। इसलिए साढ़ेसाती हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। कई लोगों के जीवन में यही समय तरक्की, धन लाभ और सम्मान लेकर भी आता है।कर्मों का पूरा हिसाब रखते हैं शनिदेव पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार शनि व्यक्ति के जीवन का पूरा लेखा-जोखा देखते हैं। उन्होंने बताया कि शनि यह नहीं देखते कि व्यक्ति कितना प्रभावशाली है या उसके पास कितना धन है। वे केवल उसके कर्मों का मूल्यांकन करते हैं। ...