नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- Shani Pradosh Vrat : हिंदू धर्म में उपवास और व्रत का विशेष महत्व है। हर महीने आने वाला प्रदोष व्रत भी इन्हीं में से एक है, जिसे भगवान शिव और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए रखा जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को आता है और महीने में दो बार पड़ता है। एक बार कृष्ण पक्ष में और दूसरी बार शुक्ल पक्ष में। जब त्रयोदशी शनिवार को आती है, तो यह व्रत शनि प्रदोष कहलाता है। मान्यता है कि इस व्रत से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और साथ ही शनिदेव का अशुभ प्रभाव भी शांत होता है।आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस वर्ष 4 अक्टूबर, शनिवार को पड़ रही है। इस दिन प्रदोष व्रत रखना बेहद शुभ माना गया है।मुहूर्त- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 4 अक्टूबर 2025, शाम 05:09 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त: 5 अक्टूबर 2025, दोपहर 03:03 बजे प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम...
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