नई दिल्ली, मई 20 -- Shani Nakshatra parivartan 2026: न्याय देवता शनि 17 मई 2026 को रेवती नक्षत्र में आए थे और 09 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि जब भी अपनी राशि या नक्षत्र परिवर्तन करते हैं, तो मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ता है। जन्मकुंडली में शनि की स्थिति के आधार पर जातक को शुभ या अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि शनि के रेवती नक्षत्र परिवर्तन का समय कई राशियों के लिए कष्टकारी साबित हो सकता है। शनि नक्षत्र परिवर्तन की अवधि शनि ढैय्या से पीड़ित राशियों सिंह और धनु के लिए खासतौर पर अशुभ माना जा रहा है। इसके अलावा मिथुन राशि वालों को भी इस समय सतर्क रहने की जरूरत है। यह भी पढ़ें- 138 दिन शनि चलेंगे उलटी चाल, जुलाई में इन 4 राशियों को मिलेगा भाग्य ...