नई दिल्ली, मई 15 -- 16 मई 2026 को शनि जयंती मनाई जाएगी। ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि देव का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार शनिवार को पड़ने वाला यह संयोग बेहद दुर्लभ है। शनि देव न्याय और कर्म के देवता हैं। उनकी पूजा सही विधि से करने पर वे भक्तों के संकट दूर करते हैं। नीला अपराजिता फूल शनि देव को अत्यंत प्रिय है। शनि जयंती पर इस फूल से जुड़े उपाय करने से साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष से राहत मिलती है।शनि जयंती पर अपराजिता फूल का महत्व शनि देव को नीला अपराजिता फूल बहुत प्रिय है। मान्यता है कि इस फूल को अर्पित करने से शनि देव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। अपराजिता फूल शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों को कम करने में खासतौर पर प्रभावी माना जाता है। इस फूल में शनि देव की ऊर्जा होती है, इसलिए शनि जयंती पर इसका उपयोग विशेष फलदाय...