नई दिल्ली, मई 14 -- शनि जयंती 16 मई को है। इस दिन को भगवान शनिदेव की कृपा पाने के लिए बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय और पूजा से शनिदेव प्रसन्न होकर शुभ भल देते हैं। उन्हें कर्मों और न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। शनि जयंती के दिन शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करने और पीपल के पेड़ की परिक्रमा करने से कई कष्ट दूर हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में पीपल के वृक्ष को शनि देव और भगवान विष्णु का प्रिय बताया जाता है। यही वजह है कि शनि जयंती पर पीपल पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। तो आइए जानते हैं कि आखिर शनि जयंती वाले दिन पीपल के पेड़ की कितनी बार परिक्रमा करनी है?कितनी बार करनी चाहिए पीपल के पेड़ की परिक्रमा? मान्यता है कि शनिदेव की पूजा करने के बाद पीपल के पेड़ की 7 बार परिक्रमा करनी चाहिए। कई लोग अपनी श्रद्धा ...