नई दिल्ली, मार्च 8 -- Shani Ast 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि की चाल धीमी जरूर होती है, लेकिन जब भी उनकी स्थिति में बदलाव आता है तो उसका असर सभी राशियों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर दिखाई देता है। वर्ष 2026 में 13 मार्च को शनि देव मीन राशि में रहते हुए अस्त होने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह स्थिति लगभग 40 दिनों तक बनी रहेगी और 22 अप्रैल को शनि फिर से उदित होंगे। ज्योतिषशास्त्र में किसी ग्रह के अस्त होने का अर्थ है कि वह सूर्य के बहुत करीब पहुंच जाता है और उसकी प्रभाव शक्ति कुछ समय के लिए कम हो जाती है। हालांकि इसे हर बार नकारात्मक नहीं माना जाता। कई बार ग्रह का अस्त होना कुछ लोगों के लिए राहत और नई शुरुआत का संकेत भी देता है।कब से कब तक रहेगा शनि का अस्त काल ज्योतिषीय गणनाओं के ...