शामली, सितम्बर 22 -- Shamli News: थानाभवन। क्षेत्र के गांव यारपुर नहर पर श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर निजानंद आश्रम गऊ सेवा धाम मे श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस में प्रवचन करते हुए कथा व्यास राज दास महाराज ने प्रभु प्राप्ती का सबसे सरल और अचूक मार्ग भक्ति योग और नाम स्मरण बताते हुये कहा भक्त और भगवान का संबंध केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड का रिश्ता नहीं है, बल्कि यह प्रेम, पूर्ण समर्पण और आत्मा का परमात्मा से मिलन का एक शाश्वत और जीवंत बंधन है। यह रिश्ता अहंकार को मिटाकर मनुष्य को आध्यात्मिक चरम और आंतरिक शांति की ओर ले जाता है। यह संबंध बिना किसी स्वार्थ और शर्त के होता है। भक्त ईश्वर से कुछ पाने की इच्छा के बजाय केवल उनकी निकटता और प्रेम की अनुभूति चाहता है, जब भक्त स्वयं को ईश्वर की शरण में सौंप देता है आत्म-समर्पण, तो उसे सभी सांसारिक चिंता...