शामली, अक्टूबर 14 -- Shamli News: शामली। शहर के मील रोड स्थित श्री श्वेतांबर जैन स्थानक में संघ संचालक श्री नरेश मुनि महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि जैन धर्म में अभयदान को सर्वश्रेष्ठ दान माना गया है। प्रत्येक श्रावक को जीवों के प्रति दया भाव रखते हुए अभयदान देने वाला बनना चाहिए। रक्तदान, औषधि दान, देहदान और चिकित्सा दान का भी अपना महत्व है, लेकिन किसी जीव को भय और हिंसा से मुक्त रखना सबसे बड़ा दान है। उन्होंने कहा कि धर्म और गुरुजनों की वाणी सुनने से मन को शांति मिलती है। ऐसे धार्मिक स्थानों का निर्माण होना चाहिए, जहां धर्म और ज्ञान की चर्चा हो तथा नई पीढ़ी को संस्कार मिल सकें। नवरात्र के दौरान मंदिरों और जैन स्थानकों में धर्म, व्रत और त्याग की चर्चा हो रही है। साधु छह काय के जीवों को अभयदान देते हुए अहिंसा का पालन करते हैं। रामायण प्रसं...