शामली, सितम्बर 28 -- Shamli News: थानाभवन नगर के दयाल आश्रम मे बाबा मदन लाल महाराज की पूण्य तिथि पर आयोजित श्री राम कथा के दुसरे दिन कथा आचार्य पड़ित संजय शास्त्री ने कहा शिव एवं सती का प्रसंग जीव (सती) और ब्रह्म (शिव) के मिलन, मोह के त्याग और चेतना के जागरण की एक गहरी आध्यात्मिक गाथा है। यह कथा दर्शाती है कि अहंकार और अज्ञान से परे होकर ही साधक अपनी मूल दिव्य चेतना को प्राप्त कर सकता है। शिव विशुद्ध स्थिर चेतना हैं और सती उसी चेतना की सक्रिय ऊर्जा (शक्ति) का रूप हैं।

कथाओं का महत्व राजा दक्ष का यज्ञ भौतिक अहंकार और जीव के संकुचित दृष्टिकोण का प्रतीक है, जहाँ परमात्मा के निराकार व सहज स्वरूप को नहीं पहचाना जाता। सती द्वारा श्रीराम की परीक्षा लेना जीव के भीतर उत्पन्न होने वाले संशय और अज्ञान को दर्शाता है, जिसके कारण आंतरिक दूरी (त्याग) क...