शामली, सितम्बर 30 -- Shamli News: शामली। शहर के जैन स्थानक मंदिर में चल रहे चातुर्मास के दौरान संघ संचालक नरेश मुनि गुरुदेव ने श्रद्धालुओं को सेवा के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सेवा जीवन का सार है और निस्वार्थ भाव से की गई सेवा व्यक्ति को आत्मिक शांति और आनंद प्रदान करती है। नरेश मुनि ने कहा कि रोगी की सेवा भगवान की सेवा के समान है। जीवन में बड़े-बुजुर्गों और जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए। सेवा के बदले धन या किसी लाभ की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा से पुण्य की वृद्धि होती है और आत्मा को शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों ने भी साधु-संतों की सेवा को जीवन में महत्वपूर्ण स्थान दिया। नवनीत मुनि ने कहा कि व्यक्ति को अपने धन का सदुपयोग करना चाहिए। धन का सही उपयोग लाभकारी होता है, जबकि दुरुपयोग नुकसान पहु...