शामली, अक्टूबर 15 -- Shamli News: शामली। हनुमान टीला स्थित हनुमान धाम में चल रहे 57वें रामलीला महोत्सव में देर रात राम वनवास की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कैकेयी के दो वचन मांगने, राजा दशरथ के व्याकुल होने और भगवान श्रीराम के पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वन जाने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। लीला का शुभारंभ राजा दशरथ के उस प्रसंग से हुआ, जिसमें वह स्वयं को वृद्ध देखकर श्रीराम को राजगद्दी सौंपने का निर्णय लेते हैं। मंत्री सुमंत से विचार-विमर्श के बाद राज्य में अगले दिन श्रीराम के राजतिलक की घोषणा कर दी जाती है। राजतिलक की खबर सुनकर मंथरा कैकेयी को भड़काती है। यह भी पढ़ें- Hapur News: धौलाना रामलीला में श्रीराम समेत चारों भाइयों का विवाह राजा जनक ने पुत्रियों को विदा किया उसके बहकावे में आकर कैकेयी अपने दो पुराने वचन मांगने क...