Shamli News: माता-पिता की आराधना से बढ़कर कोई सेवा नहीं- मृदुल कांत शास्त्री
शामली, सितम्बर 5 -- Shamli News: शामली। श्री राम कथा सेवा समिति शामली के तत्वावधान में चल रही नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के आठवें दिन कथा व्यास परम श्रद्धेय मृदुल कांत शास्त्री ने भगवान गणेश और कार्तिकेय के विवाह प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के अंदर संपूर्ण सृष्टि का निवास होता है, इसलिए उनकी आराधना एवं सेवा करनी चाहिए। भगवान गणेश ने माता-पिता की सात परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि बुद्धि और विवेक से बड़ी से बड़ी चुनौती को जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को शुद्ध एवं सात्विक भोजन करना चाहिए और खान-पान में सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही प्लास्टिक का प्रयोग न करने, स्वच्छता बनाए रखने और गलत संगति से बचने की सीख दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाओं और चरित्रों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए तथा किसी भी प्रवचन को ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.