शामली, अक्टूबर 29 -- Shamli News: शामली। फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। इससे बचाव के लिए किसानों को फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करना चाहिए। बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर में खेत बचाओ अभियान एवं प्राकृतिक खेती योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार से आए एग्रीकल्चर इंजीनियर राकेश पालीवाल ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक ओमकार सिंह ने बताया कि शामली जनपद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल है। ऐसे में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पराली और अन्य फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन जरूरी है। यह भी पढ़ें- Kausambi News: फसल अवशेष जलाने की जगह खाद बनाकर बढ़ाएं खेतों की उर्वरा शक्ति उन्होंने फसल अवशेषों के प्रबंधन में उपयोग होने वाल...