शामली, अगस्त 8 -- Shamli News: शहर के श्री श्वेतांबर जैन स्थान मंदिर में आयोजित चातुर्मास के दौरान संघ संचालक नरेश मुनि महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म और आत्मचिंतन का संदेश दिया। प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि क्रोध जीवन का सबसे बड़ा शत्रु है। क्रोध के कारण व्यक्ति की बुद्धि और विवेक नष्ट हो जाता है तथा वह धर्म की प्रभावना नहीं कर पाता। नरेश मुनि महाराज ने कहा कि संसार में प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्मों के परिणाम से सुखी और दुखी होता है। मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे उसी के अनुसार फल प्राप्त होता है। अच्छे कर्मों से पुण्य की प्राप्ति होती है, जबकि बुरे कर्मों से पुण्य का क्षय होता है। यह भी पढ़ें- सही मंजिल तक पहुंचाने वाला ही सच्चा मार्गदर्शक-नरेश मुनि यदि हम अपने पुण्य को बढ़ाना चाहते हैं तो हमें धर्म के कार्यों में अधिक रुचि लेनी चाह...