शाहजहांपुर, अगस्त 22 -- Shahjahnpur News: खिरनीबाग रामलीला मैदान में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा व्यास प्रशांत प्रभु जी महाराज ने माता पार्वती के जन्म और भगवान शिव से उनके मिलन का दिव्य प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान श्रद्धालु शिव-पार्वती के जयकारों से भावविभोर हो उठे। कथा व्यास ने बताया कि पूर्व जन्म में माता पार्वती सती के रूप में भगवान शिव की अर्धांगिनी थीं। पिता दक्ष के यज्ञ में भगवान शिव का अपमान सहन न कर पाने पर सती ने योगाग्नि में शरीर त्याग दिया था। इसके बाद भगवान शिव तप में लीन हो गए। सृष्टि के संतुलन के लिए सती ने हिमालयराज और माता मैना के घर पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया। यह भी पढ़ें- Shamli News: शिव भक्ति मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है : ब्रजमोहन सेमवाल बाल्यकाल से ही पार्वती भगवान शिव की भक्ति में लीन रहीं...