शाहजहांपुर, अक्टूबर 23 -- Shahjahnpur News: कांट, संवाददाता। नगर में गुरुवार को शुरू हुई श्रीरामलीला के दूसरे दिन शुक्रवार को रावण-विभीषण तपस्या और पृथ्वी पुकार सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रसंगों के माध्यम से रावण के तप, वरदान और उसके अत्याचारों की कथा प्रस्तुत की। मंचन में दिखाया गया कि कैकसी के तीन पुत्र रावण, कुंभकर्ण और विभीषण जन्म लेते हैं। रावण वन में जाकर घोर तपस्या करता है। प्रसन्न होकर ब्रह्मा उसे वरदान देते हैं। इसके बाद रावण अपने भाई कुबेर से लंका छीनकर शासन करने लगता है। उसके अत्याचार बढ़ने पर पृथ्वी गौ का रूप धारण कर देवताओं के साथ भगवान विष्णु के पास पहुंचती है। यह भी पढ़ें- Gauriganj News: कैकेयी-मंथरा संवाद और राम वनगमन का हुआ मंचन देवताओं की व्यथा सुनकर भगवान विष्णु उन्हें संकट से मुक्ति दिलाने का ...