शाहजहांपुर, नवम्बर 6 -- Shahjahnpur News: तिलहर। उर्स-ए-हातिमी के मौके पर लफ्जों का सफर ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। मशहूर शायर मुख्तार तिलहरी की सदारत में हुए कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए शायरों और कवियों ने अपनी रचनाएं पेश कीं। देर तक श्रोता शेरो-शायरी का लुत्फ उठाते रहे। बरेली के जीशान नोमानी ने सुनाया, ''दिल कहां लगता है अब मेरा भी गांव में, खींच लाया इश्क तेरा मुझको तेरे पांव में।'' निर्दोष कुमार विन ने कहा, ''वक्त रुखसत का है सो रुकेंगे नहीं, फिर कभी आएंगे आपके गांव में।'' डॉ. बृजभूषण ने अपने शेरों से जख्मों और मरहम का एहसास कराया। असगर यासिर ने रिश्तों में पाबंदियों पर तंज कसा। मुख्तार तिलहरी, जुनैद सकलानी बदायूं और झांसी के नसीम मुंहफट ने भी अपने कलाम पेश किए। कार्यक्रम में ज्येष्ठ वक्फ निरीक्षक श...