शाहजहांपुर, अगस्त 9 -- Shahjahnpur News: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मदरसा नुरुल हुदा, बिजलीपुरा में 'हिंदुस्तान की आजादी में मदरसों और उलमा का किरदार' विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में मदरसों और उलमा के योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि जीएफ कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. मंसूर सिद्दीकी ने कहा कि हिंदुस्तान की आजादी किसी एक वर्ग या समुदाय के संघर्ष का परिणाम नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों की साझा कुर्बानियों का नतीजा है। स्वतंत्रता आंदोलन में अनेक उलमा और मदरसों से जुड़े लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने जेल की यातनाएं सहीं और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। स्वामी शुकदेवानंद व...