शाहजहांपुर, अक्टूबर 2 -- Shahjahnpur News: खुदागंज। सुथा गांव में बुधवार की देर रात दो साधुओं की हत्या के बाद मंदिर परिसर की रौनक खत्म हो गई है। शाम होते ही ग्रामीण घर लौट गए और परिसर में सुरक्षा के लिए केवल पुलिस के दो कांस्टेबल रह गए। जहां सुबह-शाम आरती, भजन और पूजा होती थी, वहां सन्नाटा है। मंदिर में न रोशनी है, न दीपक जलाने वाला कोई। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 40 वर्षों से गोपाल दास का गांव से जुड़ाव था और वह यहां सत्संग व रामचरितमानस की कथा सुनाते थे। उनके शिष्य बिहारी दास भी ग्रामीणों से जुड़े थे और प्रसाद बांटते थे। दोनों की मौत से गांव में शोक है और लोग मंदिर में फिर पूजा शुरू होने को लेकर आशंकित हैं। यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर में मंदिर पर कब्जे के विवाद में दो वृद्धों को तखत से बांधकर जिंदा जला दिया, आरोपी गिरफ्तार फिलहाल मंदिर में ...