शाहजहांपुर, जुलाई 7 -- Shahjahnpur News: जैतीपुर। जगदीशपुर गांव में मंगलवार को जो हुआ, उसने एक परिवार की दुनिया ही बदल दी। घर में तीन बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, लेकिन कुछ ही घंटों में दो मासूम हमेशा के लिए खामोश हो गए। अब घर में सिर्फ 14 वर्षीय प्रियांशु बची है। भाई अनमोल और बहन सुनैना की मौत के बाद वह बार-बार बेसुध होकर सिर्फ एक ही सवाल पूछ रही है कि अब मैं किसकी कलाई पर राखी बांधूंगी। उसकी यह पुकार सुनकर घर में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो जा रही हैं। अनुज यादव और ऊषा देवी के तीन बच्चे थे। सबसे बड़ी बेटी प्रियांशु (14), उससे छोटी सुनैना (9) और सबसे छोटा बेटा अनमोल (5)। यह भी पढ़ें- घर के बाहर खेल रहे मासूम भाई-बहन को सांप ने डंसा, हालत बिगड़ने के बाद दोनों की अस्पताल में मौत तीनों भाई-बहनों की हंसी से घर हमेशा गुलजार रहता था। प...