नई दिल्ली, फरवरी 3 -- इस्लाम धर्म में शब-ए-बारात 2026 को सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए यह रात दुआ, इबादत और तौबा के लिए खास मानी जाती है। बता दें, इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, यह शाबान महीने की 14वीं और 15वीं तारीख की दरमियानी रात में मनाई जाती है। भारत में शाबान की 15वीं तारीख मंगलवार, 3 फरवरी को मगरिब यानी शाम 6 बजे से शुरू होगी और अगले दिन, बुधवार 4 फरवरी तक चलेगी। जिसमें कब्रिस्तानों में जाकर लोग अपने पूर्वजों की मगफिरत के लिए दुआ करते हैं। मुस्लिम समुदाय में इसे अल्लाह की रहमत, बरकत और गुनाहों से माफी की रात के रूप में देखा जाता है। इसी रात के कुछ दिनों बाद से रमजान का पवित्र महीने का भी आगाज हो जाता है। आइए जानते हैं क्या है शब-ए-बारात का महत्व और क्यों कहते हैं इसे माफी की रात।शब-ए-बारात का...