नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में सड़क दुर्घटना में पूरी तरह अंधी हो गईं और पेल्विक (कूल्हे के पास के हिस्से) में गंभीर चोटें झेलने वाली महिला को मिलने वाले मुआवजे की रकम को 2.94 करोड़ से बढ़ाकर 3.77 करोड़ रुपए कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि महिला का नौकरी करते रहना इस बात का सबूत नहीं माना जा सकता कि उसकी कमाई करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा। गुरुवार को दिए गए एक फैसले में जस्टिस एस वी एन भट्टी और एन वी अंजारिया की बेंच ने कहा कि मोटर दुर्घटना में मुआवजे के मामलों में काम करने की क्षमता में कमी का आकलन करते समय इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि पीड़ित व्यक्ति कमाने में कितना सक्षम है, न कि सिर्फ इस बात पर कि वह किसी बहुत ज्यादा सुविधा-संपन्न कार्यस्थल पर नौकरी कर रहा है। इसी सिद्धांत को लागू करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मह...