नई दिल्ली, जुलाई 25 -- सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान प्रदोष व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि तिथि और सावन दोनों ही भोलेनाथ को विशेष रूप से प्रसन्न करते हैं। इस बार सावन में सोम प्रदोष और भौम प्रदोष का संयोग बन रहा है। प्रदोष व्रत से नकारात्मकता दूर होती है, मानसिक शांति मिलती है और संतान, स्वास्थ्य, धन तथा करियर से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए जानते हैं सावन 2026 के दोनों प्रदोष व्रत की पूरी जानकारी।सावन में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व सावन में प्रदोष व्रत का फल सामान्य महीनों से कहीं ज्यादा माना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। इस समय की गई पूजा पापों का क्षय करती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि लाती है। सावन के दोन...