Sasaram News छह साल की प्रशस्त प्रांजल की विलक्षण प्रतिभा, रश्मिरथी का सस्वर पाठ सुन श्रोता मंत्रमुग्ध
सासाराम, जून 29 -- Sasaram News सासाराम, एक संवाददाता। महज छह वर्ष की उम्र में रोहतास जिले के बलथरी गांव की प्रशस्त प्रांजल अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और साहित्य प्रेम से सभी को प्रभावित कर रही हैं। जिस उम्र में बच्चे सामान्य बालगीत सीखते हैं, उस उम्र में प्रांजल ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के तृतीय सर्ग को कंठस्थ कर लिया है। हाल ही में एक पारिवारिक कार्यक्रम में उन्होंने जब नाश मनुज पर छाता है... जैसी ओजपूर्ण पंक्तियों का सस्वर पाठ कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा उन्होंने अयि गिरि नंदिनी सहित कई संस्कृत श्लोकों का भी शुद्ध उच्चारण के साथ पाठ किया।
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