सराईकेला, अक्टूबर 27 -- Saraikela News: सरायकेला। सरायकेला छऊ नृत्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा युवाओं को पारंपरिक कला से जोड़ने के उद्देश्य से राजतेंदु कला निकेतन, सरायकेला की ओर से आदर्श कॉलोनी में छऊ चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें गुरु कुस्मी पटनायक और गुरु राजतेंदु रथ ने छऊ नृत्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी। गुरु कुस्मी पटनायक और गुरु राजतेंदु रथ ने समझाया कि छऊ नृत्य की प्रशिक्षण प्रक्रिया में शरीर की मुद्राओं, पद-संचालन, ताल-लय, गति, संतुलन और भावाभिव्यक्ति का विशेष महत्त्व है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर की गतिशीलता और समन्वय बेहतर होता है। यह भी पढ़ें- Saraikela News: सरायकेला में मुकुंदपुर में छऊ चौपाल, युवाओं को सांस्...