सराईकेला, अक्टूबर 23 -- Saraikela News: सरायकेला। सरायकेला छऊ केवल एक नृत्य शैली नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक परंपरा और कलात्मक चेतना का प्रतीक है। इस अमूल्य विरासत को गांव-गांव तक पहुंचाने, ग्रामीण कलाकारों को प्रोत्साहित करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से रजतेंदु कला निकेतन, सरायकेला द्वारा छऊ चौपाल के माध्यम से जनजागरूकता की पहल की जा रही है। इसी क्रम में बिष्टुपदुका में सरायकेला छऊ के प्रचार-प्रसार, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर जागरूकता और संवाद पर विशेष जोर दिया गया। रजतेंदु कला निकेतन के संस्थापक एवं निदेशक गुरु रजतेंदु रथ की इस पहल का उद्देश्य सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को केवल मंचों तक सीमित न रखकर ग्रामीण समाज के जीवन से जोड़ना है। छऊ चौपाल के माध्यम से स्थानीय कलाकार...