संतकबीरनगर, अगस्त 21 -- Santkabir Nagar News: राहुल राय, संतकबीरनगर। मनरेगा का स्वरूप वीबी जी रामजी में परिवर्तित क्या हुआ कि मजदूरों में भी भेद हो गया। इस योजना में अनुसूचित जाति के मजदूरों का धन न होने के चलते एफटीओ नहीं बन पा रहा है। ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थित मनरेगा सेलों में सिर्फ सामान्य व ओबीसी जाति के ही मजदूरों का ही एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑडर) जनरेट हो रहा है। ऐसे में मजदूरी से वंचित वर्ग के मजदूरों में आक्रोश दिखाई दे रहा है। जुलाई माह से मनरेगा को वीबी जी रामजी के नाम से परिवर्तित कर दिया गया। इस योजना के तहत स्वीकृत हुई परियोजनाओं पर एक साथ सामान्य और अनुसूचित वर्ग के मजदूरों ने काम किया। डेढ़ माह से मजदूरी का इंतजार कर रहे मजदूर एफटीओ जनरेट नहीं हो पाने के चलते निराश थे। ग्राम पंचायतें काम पूरा कराकर बेजलिस्ट तैयार करके एफटीओ बन...