संभल, अक्टूबर 22 -- Sambhal News: थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव गुमथल में ब्रह्मपुरी स्थल पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को आचार्य गौरव कुमार शास्त्री ने कथा के माध्यम से कहा कि भागवत कथा मोक्ष दाहिनी है। उन्होंने यह भी बताया कि सुख के समय भक्ति करना असंभव है, क्योंकि उस दौरान मन ईश्वर को भूल जाता है। शास्त्री ने आगे भक्त गोकर्ण धुंधकारी सुखदेव आगमन परीक्षित जन्म और कुंती चरित्र प्रसंग का विस्तार से श्रोताओं को बताया। परीक्षित जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि महाभारत युद्ध में गुरु द्रोणाचार्य के बाद से क्रोधित अश्वत्थामा ने पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया था। इस ब्रह्मास्त्र के प्रभाव से अभिमन्यु की गर्भवती पत्नी उत्तर के गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ बाद में राजा परीक्षित ने तपस्या में लीन होकर मुनि के गले में मृ...