संभल, अगस्त 10 -- Sambhal News: शहर के गीता सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। महारास, मथुरा गमन, कंसवध, उद्धव-गोपी संवाद और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। रुक्मिणी विवाह के दौरान कथा स्थल का माहौल विवाहोत्सव जैसा हो गया और श्रद्धालुओं ने मंगलगीत गाए। कथावाचक प्रशांत कुमार मिश्र ने बताया कि महारास जीवात्मा और परमात्मा के बीच निष्काम प्रेम का प्रतीक है। गोपियों की अनन्य भक्ति ने भगवान को प्रसन्न किया। उन्होंने मथुरा गमन और कंसवध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर मथुरा की प्रजा को अत्याचार से मुक्त कराया। उद्धव-गोपी संवाद में गोपियों की अनन्य भक्ति देखकर उद्धव का ज्ञानाभिमान भी समाप्त हो गया। रुक्मिणी विवाह प्रसंग में उ...