संभल, अक्टूबर 8 -- Sambhal News: गवां। रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव व्योरा में 74 वर्षीय रामबेटी देवी की अंतिम यात्रा में उस समय हर किसी की आंखें नम हो गईं, जब परिवार में वर्षों से पाले जा रहे दोनों हाथी भी शव यात्रा में शामिल होने पहुंच गए। अंतिम संस्कार के दौरान हाथियों ने अपनी सूंड उठाकर रामबेटी को अंतिम विदाई दी। हाथियों का अपनी मालकिन के प्रति यह भाव देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। मृतक रामबेटी देवी का दोनों हाथियों परमा और मोहन से बेहद गहरा लगाव था। वह लंबे समय से दोनों हाथियों की देखभाल करती थीं। हाथियों को नहलाने से लेकर उनके खाने-पीने तक का पूरा ध्यान रामबेटी स्वयं रखती थीं। यही कारण था कि दोनों हाथी भी उनकी आवाज को अच्छी तरह पहचानते थे। रामबेटी की आवाज सुनते ही हाथी उनकी बात समझ जाते थे और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देते थ...