Sambhal News: बच्चों की प्रथम पाठशाला मां, संस्कारों से बनता है भविष्य: शास्त्री
संभल, अक्टूबर 23 -- Sambhal News: विकासखंड संभल के गांव राया खुर्द में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास सुमन दीदी ने महाराज उत्तानपाद और उनके पुत्र भक्त ध्रुव के जीवन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। माता बच्चों की प्रथम पाठशाला होती है और बचपन में मिलने वाले संस्कार ही उनके भविष्य की नींव रखते हैं। कथा व्यास ने भक्त ध्रुव के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि ध्रुव ने मात्र पांच वर्ष छह माह की आयु में भगवान नारायण की कृपा प्राप्त की। उनकी भक्ति, दृढ़ संकल्प और तपस्या से प्रेरणा लेते हुए बच्चों को अच्छे संस्कार देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों में बचपन से ही संस्कार, सदाचार और धार्मिक भावना विकसित करनी चाहिए। सुमन दीदी ने कहा कि संस...
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