संभल, जुलाई 28 -- Sambhal News: मंगलवार की सुबह चंदनकटी मौजा गांव में हर कोई बारिश से पहले अपने घरों को सुरक्षित करने में जुटा था। रामचंद्र और उनका भाई राधेश्याम भी यही कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि जिस कच्ची छत को मजबूत बनाने के लिए वे उस पर मिट्टी और पिन्नी डाल रहे हैं, वही कुछ मिनट बाद पूरे परिवार पर कहर बनकर टूट पड़ेगी। सुबह करीब दस बजे दोनों भाई छत पर काम खत्म कर नीचे उतर आए। परिवार के लोग निश्चिंत होकर घर के भीतर बैठकर खाना खाने लगे। चार वर्षीय दीपांशी अपनी ताई सूरजमुखी के पास बैठी थी। बच्चे आपस में बातें कर रहे थे। तभी अचानक जोरदार धमाके के साथ पूरी छत भरभराकर नीचे आ गिरी। देखते ही देखते हंसी-खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। धूल का गुबार छंटते ही गांव के लोग बदहवास होकर घटनास्थल की ओर दौड़े। किसी ने फावड़ा उठाया तो किसी ने ह...