संभल, अक्टूबर 10 -- Sambhal News: कभी मैंथा, गन्ना, धान और गेहूं की खेती के लिए पहचान रखने वाले संभल में आलू ने किसानों की आमदनी बढ़ाने की नई उम्मीद जगाई थी। मुनाफे के चलते कुछ ही वर्षों में आलू की खेती का दायरा तेजी से बढ़ा, लेकिन 2026 में बाजार में छाई मंदी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लागत निकालना मुश्किल हुआ तो अब किसान आलू से दूरी बनाकर सरसों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। खेतों में धान-बाजरा की फसलों की कटाई के बाद सरसों की बुवाई तेज हो रही है। किसानों को उम्मीद है कि कम लागत और बेहतर बाजार भाव से उन्हें आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद मिलेगी। संभल में करीब एक दशक पहले किसानों का रुझान आलू की खेती की ओर बढ़ना शुरू हुआ। वर्ष 2020 में जिले में 12 हजार हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल में आलू की खेती होती थी। बेहतर पैदावार और मुनाफे ...