समस्तीपुर, जुलाई 28 -- Samastipur News: रोसड़ा। साहित्य संगम के बैनर तले रविवार की देर शाम आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी में कवियों की ओजपूर्ण, व्यंग्यात्मक एवं भावपूर्ण रचनाओं ने श्रोताओं को देर शाम तक बांधे रखा। काव्य पाठ के दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मनोज कुमार झा 'शशि' ने सरस्वती वंदना के सस्वर पाठ से किया। इसके बाद अनिरुद्ध झा 'दिवाकर' ने अपनी रचना "जिस पर किया कभी था नाज, देखो बना वही अब बाज" प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। वहीं विजय कुमार कुशवाहा ने "अरमां लेकर चला था आसमां छूने, गर्दिश में पड़ गया हमारा सफर" कविता के माध्यम से शासन व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। यह भी पढ़ें- Madhubani News: साहित्यिक गोष्ठी में किया गया कविता पाठ गोष्ठी में जगम...