समस्तीपुर, अगस्त 19 -- Samastipur News: रोसड़ा। हिन्दी और मैथिली साहित्य के यशस्वी कवियों में शुमार महाकवि आरसी प्रसाद सिंह की रचनाएं आज भी साहित्यप्रेमियों के मानस पटल पर अमिट छाप छोड़ती हैं। प्रकृति, प्रेम, राष्ट्रीय संस्कृति, वतनपरस्ती, राष्ट्रीय एकता और अखंडता को अपनी लेखनी का विषय बनाने वाले इस महाकवि को वह सम्मान नहीं मिल सका, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। विडंबना यह है कि जिस एरौत गांव की मिट्टी में उनका जन्म हुआ, वहीं आज उनकी स्मृति उपेक्षा का शिकार है। महाकवि आरसी प्रसाद सिंह का जन्म 19 अगस्त 1911 को समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत एरौत गांव में हुआ था। साहित्य की विभिन्न विधाओं में उन्होंने विपुल रचनाएं कीं। वीर कुंवर सिंह महाकाव्य के अलावा उनके 15 कविता संग्रह और चार प्रबंध काव्य सहित अनेक महत्वपूर्ण रचनाएं प्रकाशित हुईं।...