साहिबगंज, जुलाई 30 -- Sahibganj News: साहिबगंज। शहर के महाजनपट्टी में सन् 1951 में स्थानीय अनन्त कुमार सरस्वती सदन की स्थापना हुई। आज यह संस्थान केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृति, शोध व सामाजिक चेतना का सशक्त केन्द्र है। इस साल इस ऐतिहासिक संस्था का प्लैटिनम जुबिली वर्ष है। 75 सालों की यह यात्रा केवल समय का इतिहास नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण, शिक्षा के प्रति आस्था और मानवीय मूल्यों के संरक्षण का गौरवपूर्ण दस्तावेज है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के हाथरस के धन्नालाल लोहिया ने इस पुस्तकालय की स्थापना की। बचपन में ही वे अपने पिता मटरूमल लोहिया के साथ साहिबगंज आए और यहीं उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। अल्पायु में अस्वस्थता के कारण उन्हें औपचारिक शिक्षा बीच में छोड़नी पड़ी, किन्तु ज्ञान की साधना कभी नहीं रुकी। हायर सेकेंडरी में अध्यय...