सहरसा, जुलाई 4 -- Saharsa News: सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। जिले के 300 बेड वाले सदर अस्पताल की सबसे बड़ी चुनौती आधुनिक भवन या उपकरणों की नहीं, बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी है। स्थापना के समय से ही अस्पताल स्वीकृत पदों के मुकाबले कम मानव संसाधन के सहारे संचालित हो रहा है। नतीजतन प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का दबाव सीमित चिकित्सकों और कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जिससे उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

रिक्त पदों की जानकारी अस्पताल में अधीक्षक और उप अधीक्षक का पद रिक्त है। त्वचा रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, मनोचिकित्सक, माइक्रोबायोलॉजिस्ट सहित सामान्य चिकित्सा के तीनों स्वीकृत फिजिशियन पद खाली हैं। सामान्य सर्जन के तीन स्वीकृत पदों के विरुद्ध केवल एक नियमित चिकित्सक कार्यरत हैं, जबकि तीन चिकित्सक पीजी बॉंड के तहत सेवा दे रहे हैं...